आ मां आ, तुझे दिल ने पुकारा !

आज से शारदीय नवरात्र शुरू

सितम्बर माह में महिला उत्पीड़न के 1756 मामले (Navratra)


न्यूज चक्र। शारदीय नवरात्र (Navratra) आज से शुरू हो गए हैं। इन नौ दिनों में मां के अलग-अलग रूपों की पूजा होगी। मां का दरबार सजेगा, भोग लगेगा। भजन गाए जाएगें, मां को मनाया जाएगा। मां को बुलाया जाएगा, कि आ मां आ तुझे दिल ने पुकारा!


लेकिन वर्तमान में देश के सामाजिक हालात बता रहे हैं कि हम ‘मां’ को दिल से नहीं पुकार रहे हैं। भला देश के अलग-अलग हिस्सों से बच्चियों के साथ बलात्कार और महिला उत्पीड़न की खबरें किस ओर इशारा कर रही है। दरअसल अब हम केवल परम्परा निभा रहे हैं, रावन दहन की तरह!
जी हां, जिस प्रकार दशहरे पर हम रावन के पुतले का तो दहन कर देते हैं, लेकिन असल जिंदगी में हम अपने मन के भीतर बैठे रावण का वध या दहन नहीं कर पाते। यही हम नवरात्र में ‘मां’ के साथ कर रहे हैं। हम नौ देवियों का दरबार सजाते हैं, उन्हें प्रसाद का भोग लगाकर भ्रमित करते हैं कि हम सच्चे भक्त हैं। हम ‘नारी’ के विभिन्न रूपों की पूजा करने वाले हैं, लेकिन असल में यह सच नहीं है, यह हम अच्छे से जानते हैं। और अगर आप नहीं मानते तो आंकड़े देखिए…


सितम्बर माह में महिला उत्पीड़न के 1756 मामले (राजस्थान)


आपको बता दें कि अकेले राजस्थान में सितम्बर 2020 में महिला उत्पीड़न के 1756 मामले दर्ज हुए हैं। यह आंकड़े तो केवल राजस्थान के हैं, अगर पूरे देश के आंकड़े इक्ठठे करें तो स्थिति क्या होगी, यह आप स्वयं सोचिए। यहां यह लिखते भी शर्म आती है कि सितम्बर 2020 में ही अकेले राजस्थान में 529 मामले बलात्कार के दर्ज हुए हैं। फिर बताऐं, कैसे और किस मुंह से नवरात्र में कन्या पूजन की परम्परा निभाई जा रही है? यह विचारणीय प्रश्न है। Read also: राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित, ये शिक्षक हुए सम्मानित

आ मां आ, तुझे दिल ने पुकारा !

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